अपना कर्तव्य कैसे निभाऊंगा और माँ के दूध का क़र्ज़ कैसे चुकाऊंगा। अपना कर्तव्य कैसे निभाऊंगा और माँ के दूध का क़र्ज़ कैसे चुकाऊंगा।
छोटी-छोटी चीज़ें हमें कई बार बड़ी-बड़ी खुशियों से भर देती हैं। छोटी-छोटी चीज़ें हमें कई बार बड़ी-बड़ी खुशियों से भर देती हैं।
आज संचार माध्यमों की क्रांति की वजह से अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के बहुत से साधन हैं पर कुछ वर्ष प... आज संचार माध्यमों की क्रांति की वजह से अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के बहुत से सा...
मैं कौन मत परखो काम से पहचानो! मैं कौन मत परखो काम से पहचानो!
आपस में हो जहां , सभी को एक दूजे से प्यार हाँ, उसी को तो कहते हैं परिवार, आपस में हो जहां , सभी को एक दूजे से प्यार हाँ, उसी को तो कहते हैं परिवार,
उठ जाग प्यारे सोण वाले, लै फड़ प्याला चाह। पी के एसनूं फेर तूं, खुल के टट्टी जा। कसर फेर वी रह जाए... उठ जाग प्यारे सोण वाले, लै फड़ प्याला चाह। पी के एसनूं फेर तूं, खुल के टट्टी जा...